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डिजिटल अरेस्ट से कैसे निर्भय बनाएगा ‘अभय’, कैसे काम करेगा फर्जी नोटिस पहचानने का यह सिस्टम?

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 21, 2026
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  • साइबर फ्रॉड से निपटने में यह टूल मददगार साबित होगा।

Digital Arrest AI Chatbot Abhay: देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) एक नया AI चैटबॉट अभय लॉन्च करने जा रहा है. इस चैटबॉट को 20 अप्रैल को पेश किया जाएगा जिसका मकसद लोगों को फर्जी नोटिस पहचानने और डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम से बचाने में मदद करना है.

किस मौके पर होगा लॉन्च?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस खास पहल को Surya Kant द्वारा दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित DP कोहली मेमोरियल लेक्चर के दौरान लॉन्च किया जाएगा. यह कार्यक्रम CBI के पहले निदेशक धर्मनाथ प्रसाद कोहली की याद में आयोजित किया जाता है.

अभय चैटबॉट क्या करेगा?

यह AI आधारित चैटबॉट आम लोगों को यह समझने में मदद करेगा कि कोई नोटिस असली है या नकली. आजकल ठग सरकारी एजेंसियों के नाम पर नकली दस्तावेज भेजकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं. अभय का उद्देश्य इसी डर को खत्म करना है ताकि लोग बिना घबराए सही जानकारी हासिल कर सकें और ठगी से बच सकें.

कैसे काम करता है डिजिटल अरेस्ट स्कैम?

इन दिनों साइबर अपराधी बेहद चालाकी से लोगों को निशाना बना रहे हैं. वे ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी नोटिस भेजते हैं जिनमें सरकारी मुहर और कानूनी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद पीड़ित को बताया जाता है कि उसका नाम किसी बड़े अपराध जैसे मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स केस में जुड़ा हुआ है. डर का माहौल बनाकर उसे वीडियो कॉल पर रखा जाता है और यह यकीन दिलाया जाता है कि वह डिजिटल अरेस्ट में है. फिर उसे तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता है यह कहकर कि इससे गिरफ्तारी टल जाएगी.

बढ़ता साइबर फ्रॉड और बड़ा नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तरह के साइबर फ्रॉड से देश में अब तक करीब 54,000 रुपये करोड़ की ठगी हो चुकी है. यह आंकड़ा बताता है कि साइबर अपराध कितनी तेजी से बढ़ रहा है और इससे निपटने के लिए नई तकनीक की कितनी जरूरत है.

अभय कैसे करेगा आपकी मदद?

अभय जैसे टूल्स लोगों को जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें तुरंत सही जानकारी देने में मदद करेंगे. इससे ठगों द्वारा बनाए गए डर और भ्रम को तोड़ा जा सकेगा. अभय चैटबॉट का मुख्य काम ऐसे फर्जी नोटिस और संदेशों की पहचान करना है. अगर किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध नोटिस मिलता है तो वह उसे इस सिस्टम में जांच सकता है.

यह AI तकनीक के जरिए नोटिस की भाषा, फॉर्मेट और अन्य संकेतों का विश्लेषण करके बताएगा कि वह असली है या नकली. इससे लोगों को तुरंत सही जानकारी मिल सकेगी और वे घबराहट में गलत कदम उठाने से बच पाएंगे.

डर को खत्म करना ही असली लक्ष्य

साइबर ठगों की सबसे बड़ी ताकत लोगों का डर और भ्रम होता है. वे कानूनी भाषा, सरकारी मुहर और सख्त शब्दों का इस्तेमाल करके ऐसा माहौल बनाते हैं कि सामने वाला व्यक्ति सोचने-समझने की स्थिति में नहीं रहता. अभय इसी डर को तोड़ने का काम करेगा. यह यूजर्स को शांत रहने और सही फैसले लेने में मदद करेगा ताकि वे किसी भी तरह की ठगी का शिकार न बनें.

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

यह चैटबॉट एक डिजिटल सहायक की तरह काम करेगा. यूजर जैसे ही कोई नोटिस या मैसेज इसमें डालता है सिस्टम उसे स्कैन करके उसकी सत्यता की जांच करेगा. इसके साथ ही यह यूजर को जरूरी सलाह भी देगा जैसे कि क्या कदम उठाने चाहिए या किससे संपर्क करना चाहिए. इस तरह यह केवल पहचान ही नहीं बल्कि गाइडेंस भी देगा.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։