- सेमीकंडक्टर, AI पर भी चर्चा हुई; भारत 2030 तक अपना 6G लाएगा.
5G अभी पूरी तरह पुराना भी नहीं हुआ है और टेक्नोलॉजी की दुनिया ने 6G की तैयारी शुरू कर दी है. भारत भी इस अगली पीढ़ी के नेटवर्क को लेकर पीछे नहीं है. देश अब अमेरिका की अगुवाई वाली एक ग्लोबल 6G पहल में शामिल हो गया है. इस पहल में अमेरिका के साथ 24 अन्य देश पहले से जुड़े हैं. भारत के शामिल होने के बाद कुल 26 सरकारें इस प्रयास का हिस्सा हो गई हैं. इसका मकसद 6G नेटवर्क के विकास को ऐसी दिशा देना है, जिसमें सुरक्षा, बेहतर कनेक्टिविटी, आपसी तालमेल और इनोवेशन जैसे मुद्दों पर मिलकर काम किया जा सके.
6G की ग्लोबल पहल में भारत की एंट्री
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत के इस पहल में शामिल होने की जानकारी दी है. G20 इनोवेशन मिनिस्टीरियल के दौरान भारत के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात की, दोनों के बीच 6G टेक्नोलॉजी के भविष्य को लेकर चर्चा हुई.
अमेरिकी वाणिज्य विभाग के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगली पीढ़ी के नेटवर्क देशों के साझा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए विकसित हों. इसके साथ ही 6G में इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा.
दुनिया के इन 25 देशों में भी बढ़ा कदम?
इस पहल में भारत के अलावा अमेरिका और 24 अन्य देश शामिल हैं. ऐसे में भारत के जुड़ने के बाद कुल 26 सरकारें इस 6G पहल का हिस्सा हैं. जिसमें शुरुआती 25 देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड और स्वीडन समेत अन्य देश शामिल हैं. इस पहल का फोकस 6G नेटवर्क की सुरक्षा, आपसी तालमेल, प्रतिस्पर्धा और इनोवेशन को बढ़ावा देना है.
नेटवर्क सिक्योरिटी और AI पर भी फोकस
इस अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल देश 6G नेटवर्क की सुरक्षा, आपसी तालमेल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर सहयोग करेंगे. साथ ही नेटवर्क को विकसित और संचालित करने में AI की भूमिका पर भी चर्चा होगी. भारत के लिए इसका मतलब यह है कि उसे भविष्य के 6G नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों और तकनीकी दिशा पर होने वाली बातचीत में अपनी प्राथमिकताएं रखने का अवसर मिलेगा.
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सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पर भी बातचीत
G20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल के दौरान भारत और अमेरिका के बीच 6G के अलावा सेमीकंडक्टर, AI और डेटा सेंटर जैसे अहम टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी चर्चा हुई. भारत ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में अमेरिकी निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. साथ ही दोनों देशों ने AI टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने और AI के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़े नियमों पर भी बातचीत की.
भारत का अपना 6G मिशन भी जारी
ग्लोबल पहल में शामिल होने के साथ भारत अपने घरेलू 6G कार्यक्रम पर भी काम कर रहा है. भारत 6G मिशन और भारत 6G अलायंस के जरिए नई टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. भारत 6G अलायंस ने 2030 तक देश में 6G तकनीक शुरू करने का लक्ष्य रखा है. भारत की योजना 6G से जुड़े पेटेंट, प्रोडक्ट और किफायती टेलीकॉम समाधान विकसित करके ग्लोबल मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की भी है.
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