Տեխնիկական նորություններ

युद्ध में लड़ रहे हैं ड्रोन्स और रोबोट, बिना इंसानी मदद के दुश्मनों की चौकी पर कर लिया कब्जा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 17, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


  • यूक्रेन ने युद्ध में पहली बार रोबोट से दुश्मन की चौकी पर कब्जा किया।
  • ग्राउंड ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम ने बिना सैनिकों के सफलता पाई।
  • ऑपरेशन में लैंड और एरियल ड्रोन्स का समन्वयपूर्वक उपयोग हुआ।
  • ऑपरेटरों ने दूर से ड्रोन नियंत्रित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Robots Fighting In War: अब रोबोट सिर्फ लैब और फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहे हैं बल्कि युद्ध के मैदान में भी उतर आए हैं. सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के दौरान खारकीव के नजदीक रोबोट ने बिना किसी असली सैनिक की मदद के दुश्मन की चौकी पर कब्जा कर लिया. खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि रोबोट की इस कार्रवाई ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए. आइए जानते हैं कि रोबोट की मदद से लड़ी गई इस लड़ाई के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है.

युद्ध में पहली बार लड़े रोबोट- जेलेंस्की

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेलेंस्की ने कहा कि रूस के साथ जारी जंग में पहली बार ग्राउंड सिस्टम और ड्रोन्स ने दुश्मन की पोस्ट पर कब्जा किया है. यह ऑपरेशन बिना किसी इन्फैंट्री के पूरा हुआ और यूक्रेन को इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ. जेलेंस्की ने इस ऑपरेशन का नाम नहीं बताया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा यूक्रेन की 13वीं नेशनल गार्ड ब्रिगेड खारटिया के दिसंबर में किए गए ऑपरेशन की तरफ था. 

युद्ध में लड़े रोबोट

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस लड़ाई में पहले ग्राउंड बेस्ड ड्रोन को रूस के बंकर की तरफ भेजा गया. इसके बाद कई अनमैन्ड सिस्टम ने उसे फॉलो कर रूसी चौकी पर कब्जा किया. इस ऑपरेशन में लैंड और एरियल ड्रोन्स को एक साथ यूज किया गया था. कुछ ड्रोन्स ने बैटलफील्ड की फुटेज जुटाई, जबकि बाकी ड्रोन्स की मदद से एक्सप्लोसिव गिराए गए. ग्राउंड पर मुश्किल टैरेन होने के बावजूद रोबोटिक्स यूनिट लगातार आगे बढ़ती गई. कई घंटों तक चले इस ऑपरेशन में रूस को काफी नुकसान और आखिरकार ड्रोन्स और रोबोट्स की मदद से यूक्रेन ने उस पोस्ट पर अपना कब्जा जमा लिया.

स्क्रीन के पीछे रहे इंसान

भले ही ग्राउंड पर इस पूरे ऑपरेशन को मशीनों ने अंजाम दिया, लेकिन इंसानों की भूमिका भी अहम रही. ऑपरेटरों की एक पूरी टीम ने दूर बैठकर ड्रोन्स को कंट्रोल किया और लाइव वीडियो फीड्स के हिसाब से दूसरी जरूरी एडजस्टमेंट की. ऑपरेशन की शुरुआत से पहले पूरी प्लानिंग की जरूरत थी. ड्रोन्स के रूट पहले से ही डिसाइड कर लिए गए, जबकि कई एक्टिविटीज के लिए कई बार रिहर्सल की भी की गई ताकि मौके पर डिवाइसेस के सिग्नल एक-दूसरे को ओवरलैप न करें.

ये भी पढ़ें-

भारत में बिकने वाले 80 स्मार्टफोन मॉडल के दाम बढ़े, कीमतों पर अभी भी लगाम की उम्मीद नहीं



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։