Տեխնիկական նորություններ

3 साल में इंसानों को खत्म कर देगा AI, डरा रहे एक्सपर्ट

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On September 12, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रहा है. जहां एक तरफ AI हेल्थ, एजुकेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी में बड़े बदलाव ला रहे हैं, वहीं इसके संभावित खतरों को लेकर एक्सपर्ट्स की चिंता भी बढ़ रही है. Anthropic से जुड़े एक रिसर्चर की हालिया चेतावनी ने इस बहस को और गंभीर बना दिया है. उनका कहना है कि आने वाले सालों में बेहद एडवांस AI इंसानों के लिए ऐसा खतरा पैदा कर सकता है जिसकी तुलना परमाणु हथियारों से की जा सकती है. आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला.

AI बन सकता है मानवता के लिए बड़ा खतरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, AI सुरक्षा पर काम करने वाले Anthropic के रिसर्चर Evan Hubinger ने चेतावनी दी है कि अगर AI सिस्टम लगातार ज्यादा एडवांस और अपने आप काम करने वाले होते गए तो मानवता के सामने अस्तित्व बचाने को लेकर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अगले दशक के भीतर AI से ह्यूमन के गायब होने की संभावना 10 फीसदी से ज्यादा होने का अनुमान लगाया है. हालांकि ये भविष्यवाणी निश्चित घटना के तौर पर नहीं बल्कि संभावित खतरों के आकलन के रूप में सामने आई है.

यह भी पढ़ें: AI से इंसानों के अस्तित्व पर खतरा? Anthropic रिसर्चर ने जताई बड़ी चिंता

आखिर परमाणु हथियारों से क्यों की जा रही तुलना?

परमाणु हथियारों की सबसे बड़ी ताकत उनका बड़े पैमाने पर विनाश करने की क्षमता है. AI का खतरा कुछ अलग तरीके से सामने आ सकता है. चिंता ये है कि बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम साइबर हमले, गलत सूचना, निगरानी या हथियारों से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और बड़े स्तर पर अंजाम देने में मदद कर सकते हैं.

Anthropic की हालिया रिपोर्ट में भी ऐसे मामलों का जिक्र है जहां AI मॉडल का इस्तेमाल साइबर हमलों, जासूसी, धोखाधड़ी और हथियारों से जुड़े गलत इस्तेमाल में करने की कोशिश की गई. कंपनी ने इनमें से कुछ एक्टिविटी को रोकने का दावा किया है. इस हिसाब से माना जा रहा है कि अगले तीन सालों में एआई से इंसानों की सभ्यता खत्म होने लगेगी.

AI के खुद ज्यादा ताकतवर होने की चिंता

एक्सपर्ट्स की एक बड़ी चिंता ऐसे AI सिस्टम को लेकर है जो खुद अपनी ताकतों में सुधार करने में सक्षम हो जाएं. इसे लेकर रिसर्च समुदाय में self-improving AI और superintelligence जैसे विषयों पर चर्चा बढ़ रही है.

Anthropic के पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने भी कंपनी से इस्तीफा देते हुए AI डेवलपमेंट की तेज रफ्तार पर सवाल उठाए. उनका आरोप था कि AI कंपनियों के बीच आगे निकलने की होड़ सुरक्षा से जुड़े सवालों को पीछे धकेल सकती है.

क्या अभी AI से डरने की जरूरत है?

आपको बता दें कि मौजूदा AI सिस्टम को लेकर की जा रही ये चेतावनियां भविष्य की संभावनाओं पर बेस्ड हैं. विशेषज्ञों के बीच इस बात पर एकमत नहीं है कि AI से मानवता के खत्म होने की संभावना कितनी है. कुछ शोधकर्ता इसे बेहद गंभीर जोखिम मानते हैं जबकि दूसरे विशेषज्ञ मानते हैं कि इन चीजों को लेकर ज्यादा सावधानी के साथ असली और तत्काल खतरों पर ध्यान देना चाहिए.

फिर भी AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा नियम, इंसानों की निगरानी और इंटरनेशनल मदद की जरूरत पर एक मत बढ़ रहा है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI की ताकत जितनी तेजी से बढ़ेगी, उसके साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी उतनी ही तेजी से मजबूत करना होगा.

यह भी पढ़ें:

AI बना बड़ी मुसीबत! जानें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों दी चेतावनी?



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։