Տեխնիկական նորություններ

OpenAI पर बड़ा आरोप! क्या आपका निजी डेटा Google और Meta तक पहुंचाया गया? कंपनी पर ठोका गया केस

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 17, 2026
2 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


  • OpenAI पर ChatGPT से डेटा साझा करने का मुकदमा दायर हुआ है।
  • आरोप है कि निजी डेटा Google और Meta को भेजा गया।
  • उपयोगकर्ताओं की निजी बातों के लीक होने का दावा किया गया।
  • कैलिफोर्निया के प्राइवेसी कानूनों के उल्लंघन का आरोप है।

OpenAI: दुनिया की चर्चित AI कंपनी OpenAI एक नए कानूनी विवाद में फंस गई है. अमेरिका में कंपनी के खिलाफ एक क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया गया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि ChatGPT इस्तेमाल करने वाले लोगों का निजी डेटा बिना स्पष्ट अनुमति के Google और Meta के साथ साझा किया गया. मुकदमे में दावा किया गया है कि ChatGPT पर पूछे गए सवाल, ईमेल एड्रेस और दूसरी निजी जानकारी ट्रैकिंग टूल्स के जरिए इन कंपनियों तक पहुंचाई गई. यह मामला कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर किया गया है.

ChatGPT पर कौन-सा डेटा शेयर होने का आरोप?

शिकायत के अनुसार, ChatGPT वेबसाइट पर ऐसे ट्रैकिंग टूल लगाए गए थे जो यूजर्स की गतिविधियों को रिकॉर्ड करते थे. इनमें Meta Pixel और Google Analytics जैसे टूल शामिल बताए गए हैं. आरोप है कि इन टूल्स के जरिए यूजर्स की जानकारी अपने-आप Google और Meta तक भेजी जाती थी. हालांकि, खबर लिखे जाने तक OpenAI की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.

लोग AI चैटबॉट को निजी जगह मानते हैं

मुकदमे में यह भी कहा गया कि आज कई लोग AI चैटबॉट्स को निजी सलाहकार की तरह इस्तेमाल करते हैं. लोग इनमें स्वास्थ्य से जुड़े सवाल, कानूनी परेशानियां, पैसों की जानकारी और निजी समस्याएं तक साझा करते हैं. इसी वजह से यूजर्स को यह उम्मीद रहती है कि उनकी बातचीत पूरी तरह निजी रहेगी. शिकायत में कहा गया कि ChatGPT पर प्राइवेसी का मुद्दा सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है बल्कि यह करोड़ों लोगों की निजी जानकारी और नियंत्रण से जुड़ा मामला है.

आखिर यह ट्रैकिंग सिस्टम काम कैसे करता है?

दरअसल, Meta Pixel और Google Analytics जैसे टूल्स का इस्तेमाल वेबसाइट्स पर ट्रैफिक समझने और विज्ञापन दिखाने के लिए किया जाता है. ये टूल्स यह जानने में मदद करते हैं कि यूजर क्या देख रहा है और किस चीज में रुचि ले रहा है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति इंटरनेट पर नया टीवी सर्च करता है और बाद में अलग-अलग वेबसाइट्स पर टीवी के विज्ञापन दिखने लगते हैं तो इसके पीछे अक्सर इसी तरह के ट्रैकिंग सिस्टम काम करते हैं.

अगर अदालत में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि ChatGPT पर पूछे गए सवालों का इस्तेमाल लोगों को टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए किया गया.

किन कानूनों के उल्लंघन का आरोप?

मुकदमे में दावा किया गया है कि OpenAI ने कैलिफोर्निया के प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन किया है. इसमें California Invasion of Privacy Act और Electronic Communications Privacy Act जैसे कानून शामिल हैं. पक्ष ने कंपनी से हर्जाना देने और इस कथित डेटा शेयरिंग प्रथा को बंद करने की मांग की है.

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल AI सर्च कंपनी Perplexity AI के खिलाफ भी इसी तरह का मामला दर्ज हुआ था. उस केस में भी Meta और Google ट्रैकर्स के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे हालांकि बाद में वह शिकायत वापस ले ली गई थी. फिलहाल OpenAI के खिलाफ दायर यह मामला शुरुआती चरण में है और अदालत में अभी इसकी सुनवाई बाकी है.

यह भी पढ़ें:

आपके Passwords और Banking डिटेल्स पर मंडरा रहा खतरा! सरकार ने जारी की वॉर्निंग



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։