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Renault की वापसी! श्रीलंका पहुंची Triber, Kwid और Kiger; अब नई Duster की बारी

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On September 18, 2026
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Renault India ने पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए अपने वाहनों का निर्यात दोबारा शुरू कर दिया है. फ्रांस के प्रमुख वाहन निर्माता Renault Group की पूर्ण स्वामित्व वाली इस इंडियन यूनिट के इस कदम के बाद कंपनी का अंतरराष्ट्रीय निर्यात दायरा अब बढ़कर 16 देशों तक पहुंच गया है. कंपनी ने भारत में निर्मित 100 कारों की पहली खेप चेन्नई बंदरगाह से कोलंबो के लिए रवाना की है, जिसमें All New Triber, पॉपुलर हैचबैक Kwid और सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी Kiger शामिल हैं.

इस खेप की रवानगी के साथ ही द्वीप राष्ट्र के ऑटोमोबाइल बाजार में रेनो की औपचारिक वापसी दर्ज हो गई है. श्रीलंका में अपनी पकड़ को मजबूती देने के लिए कंपनी ने वहां के लीडिंग ऑटोमोटिव डिस्ट्रीब्यूटर AMW Motors के साथ हाथ मिलाया है. ये कदम न केवल दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच ऑटोमोबाइल व्यापार को नई रफ्तार देगा, बल्कि भारत को एक बड़े एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा.

दोबारा पैर जमाएगी रेनो

श्रीलंका के ऑटो बाजार में अपनी दूसरी पारी को सफल और सुदृढ़ बनाने के मकसद से रेनो ने देश के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूटर AMW Motors के साथ आधिकारिक साझेदारी की है. ये रणनीतिक गठबंधन श्रीलंका में कंपनी के नए कमर्शियल स्ट्रक्चर को मजबूती देगा और स्थानीय स्तर पर ग्राहकों के बीच रेनो ब्रांड की पहुंच को आसान बनाएगा. ऑटो उद्योग के जानकारों का मानना है कि एएमडब्ल्यू मोटर्स का विस्तृत और मजबूत स्थानीय नेटवर्क रेनो के अगले दौर के व्यापारिक विस्तार और ब्रांड रिस्ट्रक्चर के लिए एक बेस की तरह काम करेगा.

कंपनी ने क्या कहा?

रेनो इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) फ्रांसिस्को हिडाल्गो ने बताया कि श्रीलंका के लिए निर्यात की ये बहाली कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना का एक बेहद महत्वपूर्ण चरण है. उन्होंने कहा कि भारत में डिजाइन और तैयार की जा रही कारों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की काफी संभावनाएं हैं. इसके साथ ही ये कदम वैश्विक स्तर पर रेनो के लिए भारत को एक मजबूत एक्सपोर्ट बेस के रूप में स्थापित करेगा. कंपनी का मुख्य जोर स्थानीय साझेदारों के सहयोग और ग्राहकों की मांग के मुताबिक तैयार प्रोडक्ट्स के जरिए लंबे समय तक टिकने वाला एक मजबूत बाजार तैयार करने पर है.

चेन्नई के ओरागादम प्लांट से निकलीं गाड़ियां

श्रीलंका के ग्राहकों के लिए भेजी जा रही ये सभी गाड़ियां तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के निकट ओरागादम स्थित रेनो इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में तैयार की गई हैं. ये प्लांट भारत की घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय बाजारों की वाहन आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

न्यू डस्टर भी मारेगी एंट्री

रेनो इंडिया केवल मौजूदा तीन पॉपुलर मॉडल्स तक ही सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि आने वाले महीनों में कंपनी श्रीलंकाई बाजार में अपने मॉडल्स का दायरा और अधिक बढ़ाने की तैयारी में है. कंपनी के आगामी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में न्यू डस्टर को भी शामिल करेगी, जिसे जल्द ही श्रीलंकाई ग्राहकों के लिए पेश किया जाएगा. नए और एडवांस मॉडल्स के जुड़ने से कंपनी बाजार के कई अन्य वाहन सेगमेंट्स में भी अपनी दमदार प्रजेंस दर्ज करा सकेगी और वहां अपनी ब्रांड वैल्यू को मजबूती से स्थापित करेगी.

भारत से 2 लाख गाड़ियां भेज चुकी है कंपनी

अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भारत पिछले कई वर्षों से रेनो के लिए विश्वसनीय आपूर्ति केंद्र बना हुआ है. कंपनी अब तक भारतीय कारखानों से दुनिया के विभिन्न देशों में लगभग 2,00,000 वाहनों का सफल निर्यात पूरा कर चुकी है. इन विदेशी बाजारों में दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब जैसे बड़े वाहन बाजार शामिल हैं, जहां भारत में बनी रेनो की गाड़ियों को ग्राहकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है और अब इस सूची में श्रीलंका का नाम भी मजबूती से जुड़ गया है.

 

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।