अगर आपके फोन पर कभी बैंक, बीमा कंपनी या किसी सरकारी संस्था के नाम से कॉल आती है तो वो असली है या नकली है, अक्सर लोग पहचान नहीं पाते हैं. इसी समस्या को कम करने के लिए TRAI ने 1600 सीरीज के नंबर की व्यवस्था को बढ़ावा दिया है. इसका मकसद सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़े असली कॉल को नॉर्मल मोबाइल नंबरों और स्पैम कॉल से अलग पहचान देना है.
क्या है 1600 सीरीज नंबर?
जानकारी के मुताबिक, 1600 एक खास नंबरिंग सीरीज है जिसे सरकारी संस्थाओं और BFSI यानी Banking, Financial Services and Insurance सेक्टर की सर्विस और ट्रांजैक्शनल वॉयस कॉल के लिए अलॉट किया गया है. इसका मतलब है कि बैंकिंग या उससे रिलेटेड संस्थाओं के सर्विस से संबंधित लोगों को एक अलग नंबर सीरीज से कॉल की जाएगी. TRAI का मानना है कि इससे ग्राहकों को ये समझने में आसानी होगी कि कॉल किसी संस्था की ओर से है या किसी नॉर्मल मोबाइल नंबर से आ रही है.
किन संस्थाओं के लिए लागू है?
1600 सीरीज का इस्तेमाल खासतौर पर फाइनेंशियल क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के लिए किया जा रहा है. इसमें RBI के तहत आने वाले बैंक और SEBI से संबंधित संस्थाएं, PFRDA के अंतर्गत आने वाली संस्थाएं और बीमा कंपनियां शामिल हैं. TRAI ने अलग-अलग सेक्टर के लिए चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की समयसीमा तय की है.
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क्यों पड़ी इसकी जरुरत
आपको बता दें कि आज साइबर फ्रॉड में फोन कॉल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है. ठग कभी बैंक कर्मचारी, इंश्योरेंस एजेंट या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते हैं और फिर OTP, बैंक डिटेल, कार्ड की जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं.
एक बड़ी समस्या ये भी है कि कई असली संस्थाएं लंबे समय तक नॉर्मल 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से सर्विस कॉल करती रही हैं. ऐसे में ग्राहकों के लिए असली और संदिग्ध कॉल के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है. TRAI ने इसी वजह से 1600 सीरीज को अलग पहचान देने वाला जरिया बनाया है.
इस नंबर सीरीज से ग्राहकों को क्या होगा फायदा
बताते चलें कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा कॉल की पहचान और भरोसा बढ़ाना है. अगर किसी बैंक या वित्तीय संस्था की सर्विस या ट्रांजैक्शनल कॉल 1600 सीरीज से आती है तो ग्राहक उसे आसानी से समझ पाएगा कि कॉल कहां से की जा रही है.
इससे उन कॉल्स को अलग पहचानने में मदद मिल सकती है जो नॉर्मल मोबाइल नंबरों से की जाती हैं और जिनमें स्पैम या फ्रॉड का जोखिम ज्यादा रहता है.
हालांकि, सिर्फ नंबर देखकर आंख बंद करके भरोसा करना कभी भी सही नहीं रहता है. किसी भी कॉल पर OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड या बैंकिंग क्रेडेंशियल जैसी जरूरी जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए.
क्या 1600 नंबर वाली हर कॉल सुरक्षित है
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1600 सीरीज हमेशा आपको सेफ्टी की गारंटी नहीं देता है. ये बस कॉल की पहचान बेहतर करने के लिए बनाई गई व्यवस्था है. फिर भी किसी कॉल पर पर्सनल या पैसों से जुड़ी जानकारी शेयर करने से पहले सावधानी जरूरी है.
अगर कॉल करने वाला व्यक्ति आपको किसी संस्था से बताकर तुरंत पैसे भेजने, OTP बताने या किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहे तो कॉल काटकर तुरंत संबंधित संस्था के आफिशियल ऐप, वेबसाइट से वेरिफाई करना ज्यादा बेहतर रहता है.
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