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Vibrant Villages Programme 2026: VVP-II क्या है, लाभ, गांवों की सूची और जानकारी

satish
By satish On September 28, 2026
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Vibrant Villages Programme 2026: भारत सरकार द्वारा सीमावर्ती गांवों के व्यापक विकास के लिए Vibrant Villages Programme (VVP) शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे गांवों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, रोजगार, पर्यटन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।

कार्यक्रम के दूसरे चरण Vibrant Villages Programme-II (VVP-II) को Central Sector Scheme के रूप में मंजूरी दी गई है। VVP-II के लिए ₹6,839 करोड़ का कुल वित्तीय प्रावधान किया गया है और इसे वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाना है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे चुनिंदा ब्लॉकों के 1,954 गांवों के व्यापक विकास का लक्ष्य रखा गया है।

यह योजना खास तौर पर उन सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां भौगोलिक परिस्थितियों, कम कनेक्टिविटी और सीमित आर्थिक अवसरों के कारण विकास की विशेष जरूरत होती है।

Vibrant Villages Programme क्या है?

Vibrant Villages Programme (VVP) भारत सरकार की एक सीमा क्षेत्र विकास पहल है, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।

VVP को दो प्रमुख चरणों में देखा जा सकता है:

  1. Vibrant Villages Programme-I (VVP-I)
  2. Vibrant Villages Programme-II (VVP-II)

VVP-I को फरवरी 2023 में उत्तरी सीमा से लगे गांवों के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, सिक्किम और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल किया गया। शुरुआती तौर पर 662 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर व्यापक विकास के लिए चिन्हित किया गया था।

इसके बाद VVP-II को अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए मंजूरी दी गई।


Vibrant Villages Programme-II 2026 क्या है?

Vibrant Villages Programme-II (VVP-II) सीमा से लगे गांवों के विकास का दूसरा चरण है।

भारत सरकार ने VVP-II को 2 अप्रैल 2025 को मंजूरी दी थी। यह Central Sector Scheme है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 100 प्रतिशत फंडिंग का प्रावधान है। कार्यक्रम का कुल आउटले ₹6,839 करोड़ है और इसे वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाना है।

VVP-II के अंतर्गत 15 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा से लगे ब्लॉकों के चयनित गांवों का विकास किया जाना है।

VVP-II के प्रमुख आंकड़े

जानकारी विवरण
योजना का नाम Vibrant Villages Programme-II
संक्षिप्त नाम VVP-II
योजना का प्रकार Central Sector Scheme
कुल बजट ₹6,839 करोड़
अवधि वित्त वर्ष 2028-29 तक
चयनित गांव 1,954
क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा से लगे चयनित ब्लॉक
राज्य/UT 15 राज्य और 2 UT
मुख्य मंत्रालय गृह मंत्रालय

आधिकारिक जानकारी के अनुसार VVP-II का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में व्यापक विकास के साथ-साथ बेहतर जीवन स्तर और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।


Vibrant Villages Programme का उद्देश्य क्या है?

VVP का मुख्य उद्देश्य केवल गांवों में सड़क या बिजली उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में समग्र और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है।

इसके प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं:

1. सीमावर्ती गांवों का विकास

चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें।

2. सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाना

दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

3. रोजगार और आजीविका

स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

4. युवाओं का कौशल विकास

युवाओं को skill development और रोजगार से जोड़ने के लिए कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।

5. पर्यटन को बढ़ावा

सीमावर्ती गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और स्थानीय विरासत के आधार पर पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाएगा।

6. स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं

गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

7. डिजिटल कनेक्टिविटी

Telecom और television connectivity को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।


Vibrant Villages Programme-II में कौन-कौन से राज्य शामिल हैं?

VVP-II के अंतर्गत निम्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है:

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम
  • बिहार
  • गुजरात
  • जम्मू-कश्मीर
  • लद्दाख
  • मणिपुर
  • मेघालय
  • मिजोरम
  • नागालैंड
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • सिक्किम
  • त्रिपुरा
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

आधिकारिक सरकारी जानकारी के अनुसार इन राज्यों/UTs में अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे चयनित ब्लॉकों के 1,954 गांवों को VVP-II के अंतर्गत व्यापक विकास के लिए चुना गया है।


उत्तर प्रदेश में Vibrant Villages Programme

उत्तर प्रदेश भी Vibrant Villages Programme-II में शामिल है।

विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का महत्व है। दिसंबर 2025 में सरकार ने बताया था कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मिहींपुरवा और नवाबगंज विकासखंडों में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 33 गांवों को VVP-II के अंतर्गत शामिल किया गया है।

इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, आजीविका, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के विकास को गति मिल सकती है।


Vibrant Villages Programme के तहत क्या-क्या काम होंगे?

VVP-II में गांवों के विकास के लिए कई अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

1. Livelihood Generation

स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।

इसके लिए स्थानीय संसाधनों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

2. Road Connectivity

जिन गांवों में सड़क कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

3. बिजली और ऊर्जा

गांवों में energization और ऊर्जा सुविधाओं को बेहतर करने का प्रावधान है।

4. स्वास्थ्य सुविधाएं

Village infrastructure के साथ health facilities को भी मजबूत करने का लक्ष्य है।

5. Financial Inclusion

ग्रामीण आबादी को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए financial inclusion पर जोर दिया जाएगा।

6. Youth Skill Development

युवाओं को skill development और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

7. SHG, Cooperative और FPO

Self Help Groups, Cooperatives और Farmer Producer Organisations जैसी संस्थाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

8. Tourism और Culture

स्थानीय पर्यटन, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियां विकसित की जाएंगी।

9. Education Infrastructure

शिक्षा से संबंधित बुनियादी ढांचे में सुधार किया जाएगा।

10. Telecom और Television Connectivity

दूरसंचार और television connectivity को बेहतर बनाने का लक्ष्य भी कार्यक्रम में शामिल है।


Vibrant Villages Programme में गांवों को क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना का लाभ सीधे तौर पर चयनित सीमावर्ती गांवों के विकास के रूप में दिखाई देता है।

संभावित प्रमुख लाभ:

  • बेहतर सड़क कनेक्टिविटी
  • बेहतर बिजली और ऊर्जा सुविधाएं
  • स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
  • शिक्षा infrastructure में सुधार
  • Telecom connectivity
  • रोजगार के अवसर
  • Skill development
  • पर्यटन को बढ़ावा
  • स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के अवसर
  • Financial inclusion
  • SHG और FPO को बढ़ावा
  • स्थानीय infrastructure का विकास

इन interventions का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर और आजीविका के अवसरों में सुधार करना है।


क्या Vibrant Villages Programme में सीधे पैसे मिलते हैं?

यह बात समझना जरूरी है कि Vibrant Villages Programme कोई सामान्य DBT या cash-benefit योजना नहीं है, जिसमें हर नागरिक को सीधे एक निश्चित राशि दी जाती हो।

इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस चयनित सीमावर्ती गांवों के infrastructure, connectivity, livelihood और public facilities के विकास पर है।

इसलिए किसी व्यक्ति को केवल VVP के नाम पर सीधे नकद भुगतान मिलने की जानकारी को आधिकारिक स्रोत से जरूर verify करना चाहिए।


Vibrant Villages Programme में कौन पात्र है?

VVP को सामान्य व्यक्तिगत आवेदन वाली योजना की तरह नहीं समझना चाहिए।

इसमें मुख्य रूप से सरकार द्वारा चिन्हित सीमावर्ती गांवों का विकास किया जाता है।

इसलिए सामान्य नागरिक के लिए “VVP Apply Online” जैसा कोई सार्वभौमिक आवेदन फॉर्म होना जरूरी नहीं है।

यदि किसी विशेष रोजगार, प्रशिक्षण, SHG, FPO, पर्यटन या अन्य सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत सहायता उपलब्ध होती है, तो उसके लिए संबंधित विभाग की अलग पात्रता और आवेदन प्रक्रिया हो सकती है।


Vibrant Villages Programme में आवेदन कैसे करें?

Vibrant Villages Programme के लिए आम नागरिकों हेतु सामान्य व्यक्तिगत Online Apply प्रक्रिया नहीं है।

कार्यक्रम के तहत चयनित सीमावर्ती गांवों में विभिन्न विकास कार्य सरकार और संबंधित विभागों के माध्यम से किए जाते हैं।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपका गांव VVP-II में शामिल है या नहीं, तो निम्न माध्यमों से जानकारी verify की जा सकती है:

  1. गृह मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी देखें।
  2. संबंधित राज्य सरकार की वेबसाइट देखें।
  3. जिला प्रशासन की सूचना देखें।
  4. संबंधित विकासखंड/जिला कार्यालय से जानकारी लें।
  5. ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध सरकारी सूचना की जांच करें।

Vibrant Villages Programme List कैसे देखें?

अगर आप Vibrant Villages Programme List 2026 या अपने गांव का नाम देखना चाहते हैं, तो केवल सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइट पर भरोसा न करें।

सबसे पहले सरकारी स्रोतों को देखें।

VVP-II में 1,954 चयनित गांवों का प्रावधान है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि देश के हर सीमावर्ती गांव को योजना के प्रत्येक component का लाभ स्वतः मिलेगा। चयनित गांवों और interventions की जानकारी संबंधित सरकारी स्तर पर verify करना जरूरी है।


VVP-I और VVP-II में क्या अंतर है?

आधार VVP-I VVP-II
शुरुआत 2023 2025 में मंजूरी
मुख्य क्षेत्र उत्तरी सीमा अन्य अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाएं
गांव 662 प्राथमिकता वाले गांव 1,954 चयनित गांव
योजना प्रकार Centrally Sponsored Scheme Central Sector Scheme
प्रमुख क्षेत्र सीमा से लगे उत्तरी गांव विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती गांव
अवधि कार्यक्रम के अनुसार FY 2028-29 तक

VVP-I में उत्तरी सीमा के राज्यों/UT के चयनित गांवों को प्राथमिकता दी गई, जबकि VVP-II को अन्य अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे चयनित क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया।


VVP-II का बजट कितना है?

Vibrant Villages Programme-II के लिए कुल ₹6,839 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

यह राशि वित्त वर्ष 2028-29 तक कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए है।


Vibrant Villages Programme और Border Security

VVP का एक महत्वपूर्ण पहलू सीमावर्ती गांवों का सामाजिक और आर्थिक विकास है।

सरकार के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर infrastructure और livelihood opportunities विकसित होने से इन क्षेत्रों में आबादी को बनाए रखने और सीमा प्रबंधन से संबंधित व्यापक उद्देश्यों को समर्थन मिल सकता है।

सरकारी विवरण में स्थानीय आबादी को सीमा सुरक्षा बलों के लिए “eyes and ears” के रूप में योगदान देने की बात भी कही गई है।


क्या VVP-II उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है?

उत्तर प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल से लगती है। इसलिए राज्य के सीमावर्ती जिलों के लिए VVP-II विशेष रूप से relevant है।

बहराइच में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े 33 गांवों को VVP-II में शामिल किए जाने की आधिकारिक जानकारी पहले ही दी जा चुकी है।

इस तरह कार्यक्रम से संबंधित क्षेत्रों में:

  • सड़क connectivity
  • ग्रामीण infrastructure
  • रोजगार
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • telecom connectivity

जैसे क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।


Vibrant Villages Programme 2026 Latest Update

2026 में VVP-II से संबंधित महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि कार्यक्रम के लिए ₹6,839 करोड़, 1,954 चयनित गांवों और 15 राज्यों व 2 UTs में कार्यान्वयन का प्रावधान है। कार्यक्रम को FY 2028-29 तक लागू किया जाना है।

इसके अलावा जुलाई 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार VVP-I के तहत 662 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया था और विभिन्न परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं।


Viksit Vibrant Village Programme 2026 क्या है?

एक अलग पहल के रूप में Viksit Vibrant Village Programme 2026 भी युवाओं की भागीदारी से जुड़ा कार्यक्रम रहा है। इसे MY Bharat के माध्यम से आयोजित किया गया।

सरकारी जानकारी के अनुसार जून 2026 में इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 Vibrant Villages से जोड़ा गया था। इसमें स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं की जागरूकता, सांस्कृतिक गतिविधियां और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद जैसी गतिविधियां शामिल थीं।

ध्यान दें कि Viksit Vibrant Village Programme और Vibrant Villages Programme-II एक ही चीज नहीं हैं। पहला youth engagement initiative है, जबकि VVP-II सीमावर्ती गांवों के comprehensive development से संबंधित Central Sector Scheme है।


Vibrant Villages Programme के मुख्य फायदे

अगर व्यापक स्तर पर देखें तो कार्यक्रम के प्रमुख expected development outcomes इस प्रकार हैं:

ग्रामीण infrastructure

सीमावर्ती गांवों में आवश्यक infrastructure को मजबूत करना।

बेहतर connectivity

सड़क और telecom connectivity में सुधार।

स्थानीय रोजगार

गांव के आसपास livelihood opportunities पैदा करना।

पर्यटन

स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक क्षेत्रों को tourism से जोड़ना।

युवा विकास

Skill development और entrepreneurship को बढ़ावा देना।

सामाजिक सुविधाएं

स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं को मजबूत करना।

Financial Inclusion

लोगों को औपचारिक banking और financial services से जोड़ना।


Vibrant Villages Programme FAQs

Vibrant Villages Programme क्या है?

यह भारत सरकार की सीमावर्ती गांवों के व्यापक विकास की पहल है, जिसका उद्देश्य infrastructure, connectivity, livelihood, health, education और अन्य सुविधाओं को मजबूत करना है।

Vibrant Villages Programme-II कब मंजूर हुआ?

VVP-II को केंद्र सरकार ने 2 अप्रैल 2025 को मंजूरी दी थी।

VVP-II का बजट कितना है?

VVP-II का कुल financial outlay ₹6,839 करोड़ है।

VVP-II में कितने गांव शामिल हैं?

VVP-II के तहत 1,954 चयनित गांवों के व्यापक विकास का प्रावधान है।

VVP-II कितने राज्यों में लागू होगा?

यह कार्यक्रम 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाना है।

क्या उत्तर प्रदेश VVP-II में शामिल है?

हाँ। उत्तर प्रदेश VVP-II में शामिल राज्यों में से एक है।

क्या VVP-II में सीधे पैसे मिलते हैं?

यह सामान्य cash-transfer योजना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य चयनित सीमावर्ती गांवों का infrastructure और comprehensive development है।

क्या VVP के लिए Online Apply कर सकते हैं?

VVP-II के लिए सामान्य नागरिकों हेतु कोई universal individual application process नहीं है। यह चयनित सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए सरकारी कार्यक्रम है।

VVP-II की अवधि क्या है?

VVP-II को वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाना है।


निष्कर्ष

Vibrant Villages Programme 2026 भारत के सीमावर्ती गांवों के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम है। इसके पहले चरण VVP-I के बाद VVP-II के माध्यम से कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया गया है।

VVP-II के लिए ₹6,839 करोड़ का प्रावधान है और 1,954 चयनित गांवों को व्यापक विकास के लिए शामिल किया गया है। इसमें सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, telecom, financial inclusion, skill development, livelihood, tourism और SHG/FPO जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।

यदि आपका गांव किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्र में आता है और आप यह जानना चाहते हैं कि वह VVP-II के अंतर्गत चयनित है या नहीं, तो सबसे सही तरीका संबंधित गृह मंत्रालय, राज्य सरकार, जिला प्रशासन या स्थानीय सरकारी कार्यालय से आधिकारिक जानकारी verify करना है।

Official Sources

PIB — Vibrant Villages Programme-II official update

PIB — VVP-II Cabinet approval

Ministry of Home Affairs — VVP-II information

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### Satish Kumar – Biographical Info Satish Kumar is a content writer and digital information publisher focused on government schemes, government jobs, exam results, scholarships, and other important public-service updates in India. He aims to provide readers with simple, useful, and easy-to-understand information about the latest government initiatives and online services. He is from Uttar Pradesh and has completed his graduation. Through his work in digital publishing, Satish Kumar shares informative articles to help readers understand eligibility criteria, application processes, benefits, required documents, status-check procedures, and other important details related to government schemes and services. His primary focus is on presenting information in a clear and reader-friendly manner so that people can easily find the information they need online.