नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली सरकार एक नई योजना लाने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य दिल्लीवासियों को उनके पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने को प्रोत्साहित करना है. ईवी खरीदने वालों को न केवल सरकार कैश इंसेंटिव देगी, बल्कि टैक्स और रजिस्ट्रेशन में भी छूट प्रदान करेगी. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी. यह प्रोत्साहन केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके नाम पर पुराना वाहन पंजीकृत था.
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार BS-IV या उससे पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नया इलेक्ट्रिक व्हिकल खरीदने पर यह सहायता देगी. यदि कोई व्यक्ति अपने दिल्ली में पंजीकृत पुराने वाहन को किसी अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप करता है और उसके बदले मिलने वाले सर्टिफिकेट के छह महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो वह नई पॉलिसी के अनुसार सरकारी सहायता पाने का अधिकारी होगा.
किसे और कितना मिलेगा इंसेंटिव
सरकार ने अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन राशि तय की है-
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: पुराने पेट्रोल स्कूटर या बाइक को स्क्रैप कर नई ई-बाइक खरीदने पर ₹10,000 का इंसेंटिव मिलेगा.
- इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: L5M कैटेगरी के तिपहिया वाहन खरीदने वालों को ₹25,000 तक की राहत दी जाएगी.
- इलेक्ट्रिक कार: ₹15 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर ₹1 लाख तक का डिस्काउंट या इंसेंटिव मिल सकता है. हालांकि, यह ऑफर पहले 1 लाख आवेदकों को ही मिलेगा.
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट
कैश इंसेंटिव के अलावा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की शुरुआती लागत (Upfront Cost) को कम करने के लिए भी कदम उठाने की तैयारी में है. इसके लिए सरकार ने 31 मार्च 2030 तक दिल्ली में पंजीकृत होने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट दे सकती है. सरकार ₹30 लाख तक की कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह माफ करेगी.