- ज्यादातर डेटा ट्रैफिक भारत में ही सीमित रखा गया.
Ai+ Smartphone ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम NxtQuantum OS का नया वर्जन v1.1 पेश किया है. कंपनी के मुताबिक, इस अपडेट में प्राइवेसी और यूजर कंट्रोल को पहले के मुकाबले ज्यादा आसान बनाया गया है. NxtQuantum OS v1.1 के साथ कंपनी ने NxtPrivacy Dashboard पेश किया है, जहां ऐप्स की परमिशन को एक ही जगह से देखा, बदला और वापस लिया जा सकता है.
इसके अलावा बैकग्राउंड एक्टिविटी की जानकारी और प्राइवेसी अलर्ट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं.कंपनी ने डेटा सिक्योरिटी के लिए नेटवर्क ट्रैफिक की जांच से जुड़े आंकड़े भी शेयर किए हैं, जिसमें 1,000 से ज्यादा कनेक्शन और 172 यूनिक डेस्टिनेशन IP की जांच शामिल है. तो आइए जानते हैं कि NxtQuantum OS v1.1 में यूजर्स को कौन-कौन से नए प्राइवेसी फीचर्स मिलेंगे.
NxtQuantum OS v1.1 में यूजर्स को कौन-कौन से नए प्राइवेसी फीचर्स मिलेंगे
NxtQuantum OS v1.1 में यूजर्स को प्राइवेसी से जुड़े कई नए कंट्रोल मिलेंगे. अपडेट के साथ NxtPrivacy Dashboard दिया गया है, जहां ऐप्स की परमिशन को एक ही जगह से देखा, बदला और जरूरत पड़ने पर रद्द किया जा सकेगा. इसके अलावा Background Activity Visibility से यूजर्स यह समझ सकेंगे कि कोई ऐप बैकग्राउंड में संवेदनशील डिवाइस रिसोर्स का इस्तेमाल कब कर रहा है. प्राइवेसी अलर्ट ऐसी परमिशन के बारे में जानकारी देंगे जो जरूरत से ज्यादा या अब जरूरी नहीं हैं. कंपनी के मुताबिक, इन फीचर्स का मकसद ऐप्स की डिवाइस और निजी डेटा तक पहुंच को ज्यादा साफ बनाना और यूजर्स को अपनी प्राइवेसी पर बेहतर कंट्रोल देना है.
1,000 से ज्यादा कनेक्शन की जांच
नेटवर्क सिक्योरिटी को लेकर Ai+ ने बताया कि NxtQuantum OS ने 1,000 से ज्यादा कनेक्शनों और 172 यूनिक डेस्टिनेशन IPs से जुड़े सोर्स रूल्स का ऑटोमेटेड एनालिसिस किया. कंपनी की शेयर की गई Network Traffic Security Review रिपोर्ट में कुल 1,226 कनेक्शन रिकॉर्ड और 172 यूनिक डेस्टिनेशन IPs दर्ज किए गए. रिपोर्ट के अनुसार, सोर्स रूल्स ने 94 कनेक्शन रिकॉर्ड्स को 17 यूनिक IPs पर फ्लैग किया. इनमें कोई हाई या क्रिटिकल IP नहीं पाया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि किसी डेस्टिनेशन IP की सीधे तौर पर चीन या हांगकांग से पहचान नहीं हुई.
यह भी पढ़ें – Stockity क्या है? ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने से पहले जानें ये जरूरी बातें.
ज्यादातर ट्रैफिक भारत में क्यों
कंपनी के मुताबिक, NxtQuantum एक सॉवरेन डेटा बाउंड्री लागू करता है, जिसके तहत एप्लिकेशन डेटा ट्रैफिक को लोकल, भारत में होस्ट किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए रूट किया जाता है. कंपनी ने कहा कि डेटा ट्रैफिक और IP पिंग्स भारत के अंदर ही रखे गए हैं. बाहरी ट्रैफिक सिर्फ जरूरी Google core services तक सीमित है, जो कैलिफोर्निया और सिंगापुर की ओर जाता है और ऑपरेटिंग सिस्टम के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी बताया गया है.
यह भी पढ़ें – Xप्लेन: डेटिंग ऐप पर मिला ‘प्यार’ कहीं ठगी तो नहीं? रोमांस स्कैम का पूरा खेल समझिए