Oracle Layoffs के पीछे कंपनी का क्या कहना है?
Oracle Layoffs में भारत, अमेरिका, कनाडा और दूसरे कई देशों में काम करने वाले सीनियर इंजीनियर, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशन लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर और टेक्नीकल स्पेशलिस्ट की नौकरियां गई हैं. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बिजनेस जरूरतों को देखते हुए कुछ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं. कर्मचारियों को यह ईमेल ‘ऑरेकल लीडरशिप’ की तरफ से मिला है.
छंटनी के पीछे एआई का कितना बड़ा हाथ?
Oracle में हुई इस छंटनी को एआई से भी जोड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, पिछले कुछ समय से कंपनी ने एआई पर अपना निवेश बढ़ाया है. बिजनेस सॉफ्टवेयर बनाने वाली यह कंपनी अब एआई सिस्टम डेवलप और ऑपरेट करने के लिए जरूरी डेटासेंटर पर पैसा खर्च कर रही है. इसके जरिए ऑरेकल क्लाउड सेक्टर में अल्फाबेट और अमेजन आदि को टक्कर देना चाहती है. कंपनी ने OpenAI के साथ 300 बिलियन डॉलर की लागत वाली डेटासेंटर डील भी की है. हालांकि, निवेशकों पर कंपनी पर बढ़ते कर्ज और दूसरे खर्चों के लेकर चिंता जताई है.
टेक एक्सपर्ट्स की जॉब पर खतरा क्यों?
एआई के आने से कई टेक कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा बढ़ गया है. खासकर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी को एआई से खतरा है. कई बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुख कह चुके हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों वाले सारे काम एआई कर सकती है. एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोडेई ने कुछ ही हफ्ते पहले कहा था कि जल्द ही एआई स्टार्ट से लेकर एंड तक कोडिंग की पूरी प्रोसेस एआई हैंडल कर लेगी. एआई मॉडल इतनी तेजी से इंप्रूव हो रहे हैं कि वो सारे ऐसे काम कर सकते हैं, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर करता है. इसी तरह OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी कह चुके हैं कि आने वाले समय में AI एजेंट्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह ले लेंगे. ये एजेंट्स वो सारे काम कर पाएंगे, जो एक्सपीरियंस्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स करते हैं.