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E20 पेट्रोल को लेकर अगर आपकी कार के इंजन को नुकसान की चिंता है, तो Maruti Suzuki का यह बयान आपके लिए बेहद अहम है. कंपनी के MD और CEO हिसाशी ताकेउची ने बताया कि 2008 से बनी सभी Maruti Suzuki कारें E20 ईंधन के अनुकूल हैं. इसके साथ ही कंपनी ने FY27 में ₹14,000 करोड़ Capex और 2030-31 तक ₹77,500 करोड़ के बड़े निवेश की योजना भी बताई है.
Maruti की कारें 2008 से ही E20 कम्पैटिबल हैं!
Maruti Suzuki India के प्रबंध निदेशक (MD) और CEO हिसाशी ताकेउची ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों के सवालों के जवाब में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि कंपनी की 2008 के उत्पादन वर्ष से बनी सभी कारें ई20 ईंधन के साथ पूरी तरह अनुकूल हैं. ई20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अब देश में स्टैंडर्ड फ्यूल बन चुका है, जिसको लेकर कई कार मालिकों में चिंताएं बनी हुई हैं.
ताकेउची ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सभी मॉडल ई20 कम्पैटिबल हैं और कंपनी ने 2008 से ही इथेनॉल अनुकूलता में सुधार किया है. इसके अलावा कंपनी ने आगामी वर्षों में बड़े निवेश की योजना का भी खुलासा किया. पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ क्षमता विस्तार, नए मॉडल और अनुसंधान पर जोर दिया जा रहा है. पर्यावरणीय लक्ष्यों को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. ये बयान ऐसे समय पर आया है जब ई20 को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हैं.
पूंजीगत व्यय में बड़ी बढ़ोतरी
ताकेउची ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में कैपेक्स को 40 प्रतिशत बढ़ाकर करीब 14,000 करोड़ रुपये किया जाएगा, जो पिछले साल के लगभग 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है. वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 77,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. ये राशि क्षमता विस्तार, नए मॉडल विकास, अनुसंधान एवं विकास, प्लांट सुधार, मार्केटिंग, सेल्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कार्बन न्यूट्रल उपायों और लॉजिस्टिक्स पर खर्च होगी. इससे पहले सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष तोशीहीरो सुजुकी ने भारत में 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का संकेत दिया था.
E20 अनुकूलता पर स्पष्ट आश्वासन
ई20 को लेकर पूछे गए सवाल पर ताकेउची ने कहा कि सभी मौजूदा उत्पाद ई20 अनुकूल हैं. 2008 के उत्पादन वर्ष से इथेनॉल के साथ अनुकूलता बढ़ाई गई है, इसलिए उसके बाद की सभी कारें ई20 पर चलने में सक्षम हैं. ये बयान उन उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है जो ई20 से इंजन पर असर की आशंका जता रहे थे.
स्टेबिलिटी और ग्रीन एनर्जी के प्रयास
कंपनी कार्बन न्यूट्रल मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में सक्रिय है. इन-हाउस सोलर क्षमता को वित्त वर्ष 2025-26 के 79.1 मेगावाट से बढ़ाकर 2030-31 तक 211.3 मेगावाट किया जाएगा, जो कुल बिजली जरूरत का करीब 35 प्रतिशत पूरा करेगा. बाकी बिजली सोलर और विंड से खरीदी जाएगी. मानेसर, खरखौदा और साणंद के नए प्लांट में बायोमास प्लांट भी लगाए जाएंगे.
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राम मोहन मिश्र डिजिटल मीडिया के ऑटोमोटिव जगत में एक जाना-पहचाना नाम हैं, जो 2021 से लगातार इसी फील्ड में एक्टिव हैं. वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी में बतौर सीनियर सब-एडिटर ऑटो डेस्क संभालते हुए, वे कार, बाइक और स्…
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