कानपुर न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 5,08,050 रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रकम देने के बावजूद उसे नियुक्ति पत्र नहीं मिला। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे कमरे में बंधक बनाकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
मामला ग्वालटोली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पीड़ित विजय कुमार की तहरीर पर प्रखर मिश्रा, उसकी मां मधु मिश्रा और सौरभ मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने का दिया भरोसा
पीड़ित विजय कुमार के मुताबिक, 1 जून 2026 से प्रखर मिश्रा और सौरभ मिश्रा ने उन्हें सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि शुरुआत में एक लाख रुपये देने और नौकरी लगने के बाद वेतन से तीन लाख रुपये देने की बात कही गई थी।
इसके बाद कथित तौर पर प्रखर मिश्रा के खाते में यूपीआई के जरिए अलग-अलग किस्तों में पैसे भेजे गए। शुरुआती भुगतानों में 3,500 रुपये, 21,500 रुपये, 4,000 रुपये, 21,000 रुपये और 20,000 रुपये शामिल थे।
विजय का कहना है कि रकम की मांग बढ़ने पर उन्होंने अपनी पीएनबी और डाकघर की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी तुड़वा दी।
कर्ज लेकर जुटाए रुपये, कुल 5,08,050 रुपये देने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। रकम जुटाने के लिए उन्होंने स्लाइस बैंक से 72 हजार रुपये, क्रेडिटबी से 20,500 रुपये और बजाज फाइनेंस से 80,500 रुपये का कर्ज भी लिया।
आरोप है कि चार लाख रुपये लेने के बाद नियुक्ति पत्र और आईडी बनवाने के नाम पर एक लाख रुपये अतिरिक्त मांगे गए। इसके बाद प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा परिषद से नियुक्ति पत्र आने, टोल-डीजल और अधिकारियों को पैसे देने के नाम पर भी रकम मांगी गई।
विजय के मुताबिक, यूपीआई और नकद के माध्यम से भुगतान करते हुए उन्होंने कुल 5,08,050 रुपये दिए। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को अंतिम एक हजार रुपये भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
पैसे वापस मांगने पर डेढ़ घंटे तक बंधक बनाने का आरोप
विजय कुमार ने आरोप लगाया कि 16 अगस्त को प्रखर मिश्रा, मधु मिश्रा और सौरभ मिश्रा ने उन्हें प्रखर के घर बुलाया। वहां कथित तौर पर उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक एक कमरे में बंद रखा गया और 20 हजार रुपये की मांग की गई।
पीड़ित के अनुसार, उनके पास पैसे नहीं होने पर उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए यूपीआई से पांच हजार रुपये भेजे। आरोप है कि इसके बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया।
कार में बंद कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 अगस्त को प्रखर मिश्रा और सौरभ मिश्रा उन्हें कार से मॉडल स्कूल के पास ले गए। आरोप है कि वहां करीब आधे घंटे तक उन्हें कार में बंद रखा गया और अतिरिक्त पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
विजय का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी जेब से 3,300 रुपये भी छीन लिए गए।
12 सितंबर को घर पहुंचकर फिर मांगे पैसे
विजय कुमार के मुताबिक, 12 सितंबर को प्रखर मिश्रा और सौरभ मिश्रा उनके घर पहुंचे और फिर से पांच हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने नौकरी के नाम पर दी गई रकम वापस नहीं मिलने और कथित धमकियों के बाद पुलिस से शिकायत की।
ग्वालटोली पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
मामले में ग्वालटोली पुलिस ने विजय कुमार की तहरीर के आधार पर प्रखर मिश्रा, मधु मिश्रा और सौरभ मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति पत्र की सत्यता की जांच करना जरूरी है।